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Central Processing Unit (C.P.U) क्या है 
Post By@Co-Founder# Vinay Kumar Verma
आज के इस पोस्ट में मैं बताऊंगा की Central Processing Unit (C.P.U)  क्या है और ये कैसे WORK करता है ! 




Central Processing Unit (C.P.U)  प्रोसेसिंग डिवाइस चौथे जनरेशन के कम्प्यूटर प्रोसेसर प्रोसेसिंग डिवाइस के रूप में उपयोग किया गया है इसमें लाखो सक्रिट लगी होती है एक कम्प्लीट साईकिल को काऊंट करने के लिए मदरबोर्ड पर एक क्लॉक लगा होता है जोकि फ्रीक्वेंसी को काउनट करता है डाटा / इंसट्रक्शन इनपुट डिवाइस द्वारा प्रोसेसर की तरह प्रोसेसिंग के लिए जाता है और प्रोसेसर उसे प्रोसेसर करके इनफार्मेशन के रूप में आउटपुट डिवाइस पर रिजल्ट देता है यह पूरा कार्य एक साईकिल में होता है पूरी प्रोसेसिंग प्रोसेसर के अन्दर होती है प्रोसेसर के तीन  भाग होते है !


1. Arithmetic Logic Unit [ अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट ]यह C.P.U. का मुख्य भाग 
होते है जोकि तकिर्क एवम् अंकगणतीय कार्य को प्रोसेसर करता है जो भी यूजर 
के द्वारा बतौर इनपुट दिया जाता है उन पर जरुरी ओपरेशन कर चाहे वो अंकगणतीय हो तकिर्क हो मेमोरी यूनिट को भेज देते है जहाँ से ये कण्ट्रोल यूनिट की मदत से यूजर द्वारा निर्देशित आउटपुट मिडिया पर भेज दिया जाता हैं !

ये भी पढ़े ➥➥ Components Of Computer System | कम्प्यूटर सिस्टम के घटक

2. Control Unit [ कण्ट्रोल यूनिट ] जो की पुरे कम्प्यूटर को कण्ट्रोल करता है यह डाटा /  इंस्ट्रक्शन को एनालाइज करके किस प्रकार की डिवाइस को प्रोसेसिंग के लिए या आउटपुट के लिए भेजना हैं, ये सब कार्य यही करता है !

3. Memory unit [ मेमोरी यूनिट ]इस भाग में कण्ट्रोल यूनिट द्वारा निर्देशित ट्रक्स स्टोर होता है ताकि ALU को भेजा जा सके और पुनः  ALU से प्रोसेसिंग होने के नाद आउटपुट सुचना को तब तक स्टोर करता है जब तक कण्ट्रोल यूनिट इसे उचित आउटपुट मिडिया पर भेजने का निर्देश न दे ! इसे  रजिस्टर भी कहा जाता है जोकि प्रोसेसिंग के समय डाटा / इन्फोर्मेशन को अपने पास होल्ड रखता है जो प्रोसेसिंग के दुसरे स्टेप में प्रयोग होते हैं !

बस एक डाटा पाथ या परिपथ को कहते है जिसके माध्यम से डाटा के प्रोसेसिंग के दौरान डाटा को एक यूनिट से दुसरे यूनिट में भेजा जाता है

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Components of computer system | कम्प्यूटर सिस्टम के घटक 
Post By@Co-Founder#Vinay Kumar Verma

Components of computer system  [कंप्यूटर सिस्टम के घटक ] कम्प्यूटर सिस्टम 
कम्पोनेंट्स में कई तरह के कम्पोनेंट्स होते हैं कम्प्यूटर का मूल आवेदन  जो एक कम्प्यूटर को उसका कार्य करना संभव करते है, जो कुछ इस प्रकार है जैसे- कीबोर्ड, माउस, मानिटर, रैम, हार्डडिस्क, स्पीकर, और भी बहुत कुछ


आप नीचे दी गई तस्वीर में कंप्यूटर का घटक देख सकते हैं

Power Switch   पॉवर स्विच वो स्विच बटन होते है, जिससे एक कम्प्यूटर सिस्ट को चालू या बंद कर सकते है !
Power Switch 
Reset Button इस बटन की मदद से हम किसी कम्प्यूटर सिस्टम के चालू हालत में अपनी जरुरत के 
हिसाब से उसे पुनः स्टार्ट (रिस्टार्ट) कर सकते है !

Reset Button
CD/DVD ROM DRIVE  इस ड्राइव की मदद से हम किसी कम्प्यूटर सिस्टम में कोई सी0 डी0 या डी0 वी0 
डी0 को एक्सेस कर पते है  
CD/DVD ROM DRIVE 

➦➦➦Basic application of Computer [कंप्यूटर का मूल आवेदन ]

Floppy Drive ये ड्राइव किसी कम्प्यूटर सिस्टम में फ्लॉपी डिस्क को एक्सेस करने में इस्तेमाल होता है !  
Floppy Drive
Front USB port, Mic& Headphone slot  ये पोर्ट किसी USB ड्राईवर को एक्सेस करने में 
उपयोग होता है, जबकि माईक और हैडफ़ोन जैक स्लॉट किसी मैक्रोphone या हैडफ़ोन device को जैक वायर की मदद से कनेक्ट करने में मदद करता है !

Front USB port, Mic& Headphone slot 

Idicator light
ये वो सिंगेल लाइट होती है जो सिस्टम के स्टार्ट होने से चलते रहने तक जलती रहती है 

और सिस्टम के बंद होने पर स्वत बंद हो जाती है !

➥➥➥ History Of Computers कम्प्यूटर्स का इतिहास
Idicator light
Power Supply Socket यह सॉकेट कम्प्यूटर सिस्टम में पॉवर सप्लाई देने के लिए केवल को कनेक्ट 
करने में इस्तेमाल होता है जिससे पॉवर SMPS की मदद से जरुरी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेट तक पहुचता हैं!


Keyboard Socket इस सॉकेट की मदद से कम्प्यूटर सिस्टम में कीबोर्ड को कनेक्ट किया जाता है !

Keyboard Socket 

Mouse Socket इस सॉकेट की मदद से कम्प्यूटर सिस्टम में माउस को कनेक्ट किया जाता है !
Mouse Socket


Parellel Port इस पैरेलर पोर्ट की मदद से कम्प्यूटर सिस्टम में कोई अन्य device जैसे प्रिंटर आदि को 
कनेक्ट किया जाता है !
Parellel Port

Rear USB Port इस पोर्ट को USB 2.0 कहा जाता है जिससे किसी USB device को कनेक्ट किया जा सकता है
Rear USB Port 
➥➥➥ Introduction To Computer [ कम्प्यूटर का परिचय ]

Mic&Speaker Jack slot इन स्लॉट की मदद से हम कम्प्यूटर सिस्टम में कोई माइक्रोफोन या 
स्पीकर कनेक्ट कर सकते है ! जिससे हम साउंड को स्टोर या प्लये कर सकते है !


Basic application of Computer [कंप्यूटर का मूल आवेदन ]
Post By@ Co-Funder# Vinay Kumar Verma

कम्प्यूटर हमारे दैनिक जीवं में बहुत ही उपयोगी है, कम्प्यूटर के बेसिक अप्लीकेशन निम्नलिखित है ! जैसे की मैंने पिछले पोस्ट में बताये की Introduction To Computer [ कम्प्यूटर का परिचय ] कम्प्यूटर का परिचय आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की Basic application of Computer [कंप्यूटर का मूल आवेदन ]
बारे में तो चलिए शुरु करते है

Basic application of Computer


Word Processing  र्ड प्रोसेसिंग के द्वारा हम अपने दैनिक कार्यो को आसानी से कर सकते है, जैसे पत्र टाइपिंग, रिज्यूम तैयार करना आदि कम्प्यूटर स्वत: ही स्पेलिंग एवं ग्रामेटिकल त्रुटी को स्वत सुधर देता है यदि डाक्यूमेंट के कन्टेन्ट रिपीट होते है, तो आपको पुनः टाइपिंग करने की आवश्यकता नहीं है आप अपने डाक्यूमेंट को जिस पर आप कार्य कर रहे है आसानी से अपनी आवश्यकता के अनुसार फारमेंट कर सकता है !

In Banking  बैंक में वर्तमान समय में नेट बैंकिंग बहुत ही पापुलर हो गया है ज्यादातर लोग अपना बैंकिंग कार्य नेट बैंकिंग के माध्यम से ही करता है ! आप नेट बैंकिंग के माध्यम से धनराशी का ट्रान्सफर एक खाते से दुसरे खाते में कर सकते है बैंको में होने वाले दैनिक कार्य लेन-देन कम्प्यूटर के ही सहायता से किये जाते है !

Internet  इंटेरनेट के माध्यम से आप अपने कम्प्यूटर को भारत तथा विश्व के किसी अन्य कम्प्यूटर के साथ जोड़ सकते है ! यह एक वैशिवक प्रणालि है, कम्प्यूटर नेटवर्क को आपस में जोड़ने की इसका आरंभ 1970 और 1980 के दशक में हुवा था ! इंटरनेट के माध्यम से आप अत्यधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है अपेक्षा की एक लाईब्रेरी से इसके माध्यम से आप सूचनाओ को बहुत तेजी से अक्सेस कर सकते है ई-मेल के माध्यम से आप कुछ ही समय में हजारो मील दूर बैठे व्यक्ति को सन्देश भेज सकते है !

ये भी पढ़े ➤➤➤➥ कम्प्यूटर का इतिहास

Hospitals असपताल में कम्प्यूटर के माध्यम से ही अपने पेसेंट के रिकाडर्स की जानकारी ले सकते 
है, जैसे पेसेंट का नाम बीमारी आदि !

Digital video or audio composition  डिजिटल विडियो या ऑडियो कम्पोजीशन कम्प्यूटर के द्वारा हम किसी भी प्रकार के ऑडियो या विडिओ को कम्पोज कर सकते, एडिट कर सकते है !

Communication आप विडियो कालिंग, चाटिंग, ई-मेल आदि से परिचित होंगे, कम्प्यूटर के द्वारा आप विडियो कालिंग, चाटिंग, इमेल के माध्यम से एक-दुसरे से बातचित कर सकते है !

Disktop publishing डेस्टोप पब्लिशिंग सभी के लिए उपयोगी पैकेज है, इसके माध्यम से आप डिज़ाइनिंग से सम्बंधित कार्य को कर सकते है ! वर्तमान समय में इसके माध्यम से किताबो की  डिज़ाइनिंग, ग्रीटिंग कार्ड, ब्रोशर, मैगनीज आदि सम्बंधित कार्य किये जाते है !

Telecommunication टेलिकम्यूनिकेशन्स के क्षेत्र में आप देखेंगे की मोबाइल फोन के अन्दर software 
मौजूद रहता है ! जिससे कस्टमर का डिटेल आदि मौजूद रहता है वर्तमान समय में मोबाइल फोन के द्वारा आप किसी भी स्थान का लोकेशन देख सकते है वहां तक पहुचने के मार्ग को देख सकते है ! आप हवाई / रेल टिकट को मोबाइल फोन के द्वारा सुरक्षित कर सकते है आप S.M.S भेजकर रेलवे टिकट के P.N.R की स्थिति जान सकते है !

( अपयुर्क्त के अलावा कम्प्यूटर का उपयोग रक्षा, ई-लर्निंग चिकित्सकीय विज्ञान, खेल, प्रमाण-पत्र, A.T.M मशीन, रोबोट, समाचार, मौसम विश्लेषण आदि में भी किया जा रहा है )


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History of Computers  कम्प्यूटर्स का इतिहास
Post By@ Co- Founder# Vinay Kumar Verma

History of Computers  कम्प्यूटर्स का इतिहास 
आज के इस पोस्ट में बताऊंगा  History of Computers  कम्प्यूटर्स का इतिहास पहले गणना के लिए प्रयोग लायी जाने वाली device में मेकैनिकल device थी, अबैकस को पहला कम्प्यूटर कहा जाता है ! बाद में पास्कल, लारेंस, जैकब, एटासाफबेरी आदि ने कई device बनायीं परन्तु किसी भी device में मेमोरी न थी ! तत्पश्चात सत्रहवी शताब्दी में चार्ल्स बैवेज ने एनालिटिकल और डिफरेंस मशीन का अविष्कार किया जिसमे मेमोरे डाली ! उक्त मशीन के अविष्कार से ही युग की शुरुवात हुई बाद में आज का अविष्कार कम्प्यूटर में मेमोरी सबसे बड़ी विशेषता है इसी के कारण चार्ल्स बैवेज को कम्प्यूटर का पितामह कहा जाता है ENIAC प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर है ! यही से इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर्स का युग शुरू हो गया

ये भी पढ़े. ➤➤➤ Introduction To Computer

History of Computers  कम्प्यूटर्स का इतिहास


Generation Of Computer  [ कम्प्यूटर की पीढ़ी ]

First Generation (1945-1954) इस प्रथम जनरेशन में वैक्यूम यूट्यूब टैकनोलजी का उपयोग किया गया था, जिसमे कम्प्यूटर को साकार कर गणनाऐ करना संभव किया !

Second Generation (1945-1954) कम्प्यूटर के द्वितिय जनरेशन में ट्रांजिस्टर टैकनोलजी का उपयोग किया गया था, जिसने तब कम्प्यूटर के आकर को थोडा छोटा एवं तेज कर दिया था !

Third  Generation (1965-1974) कम्प्यूटर के तृतीय जनरेशन में इन्टीग्रेटेड सक्रिट्स (आई0 सी0 ) टैकनोलजी का उपयोग किया गया जिसमे ये तुलनात्मक भरोसेमंद तथा तेज समझा गया

Fourth Generation (1975- Till Date ) कम्प्यूटर का चतुर्थ जनरेशन में माइक्रो प्रोसेसर टैकनोलजी का उपयोग किया गया, जो प्रथम द्वितिय तथा तृतीय तीनो ही जनरेशन से काफी तेज, भरोसेमंद तथा साइज़ में छोटा पाया गया जिसे आप आसानी से ही कही भी इधर-उधर उठा एवं रख सकते है और कही भी ले जा सकते है !

Fifth Generation ( Present And Next ) पंचम जनरेशन के कम्प्यूटर में फिसियल (कृत्रिम )  इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया, जो इसे कम्प्यूटर टैकनोलाजी में सर्वेपरी सिद्ध करता है जिसमे ये अपना खुद के आई0 क्यू0 का भी इस्तेमाल करता है

Characteristics of Computer [ कम्प्यूटर की विशेषताऐ ]
कम्प्यूटर एक बहुत ही तीव्र कार्य करने वाला इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है, जो किसी निर्देश को पल भर में क्रिया करता है ! यह किसी भी कार्य को सेकेंड के एक भाग समय में ही हल कर देता है, जब की उस कार्य को एक ब्यक्ति घंटो तक ही उसे हल कर पायेगा. आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है की एक कम्प्यूटर एक सेकेंड के समय में एक मिलियन या उससे भी अधिक निर्देशों को क्रिया कर सकता है !
  • Accuracy
  • Diligence
  • Storage Capacity
  • Versatility
Accuracy कम्प्यूटर बिना कोई गलती किये पूरा सही-सही गणनाये कर सकता है ! इसकी एक्यूरेसी बहुत अधिक है, जिससे ये कभी भी कोई गलती नहीं करता है और सभी गणनाये में उसी एक्यूरेसी की तरह कार्य करता है ! कम्प्यूटर में कोई गलती तभी आ सकती है जब ब्यक्ति द्वारा गलत इनपुट या निर्देश दिया गया हो !

Diligence कम्प्यूटर किसी भी कार्य को बिना थके लगातार कार्य कर सकता है इसे किसी भी प्रकार की थकान या कमजोरी कभी नहीं होती है जिससे यह किसी कार्य को बिना किसी रुकावट या गलती के लगातार कर सकता है ! कम्प्यूटर के इस क्षमता की वजह से मानव कार्य में काफी विकास हुवा है !
Storage Capacity कम्प्यूटर में किसी भी प्रकार के डाटा या इनफार्मेशन को इसके मेमोरी में स्टोर कर सकते है ! कम्प्यूटर में मैग्नेटिक मिडिया स्टोरेज होते है, जो अत्यधिक मात्रा में डाटा या सूचनाओ को परमानेट सुरक्षित रखने की सहूलियत देते है ! जैसे, हार्ड डिस्क, फ्लापी डिस्क, आप्टिकल डिस्क, आदि जिनकी मदद से आप कम्प्यूटर में कोई डाटा किसी एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जा सकते है !

Versatility  कम्प्यूटर की एक बहुत अच्छी विशेषता इसकी विविधता है, जो एक ही समय में कई कार्य को कर सकता है जैसे, डाक्यूमेंट, ड्राफ्टिंग के दौरान म्यूजिक सुनना कोई पेज प्रिंट करना आदि ! यह यूजर पर निर्भर करता है की वह कम्प्यूटर सिस्टम पर किस तरह का कार्य कर सकता है क्यूकी ये बिलकुल अलग-अलग तरह के कार्य करने में सक्षम है !

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Introduction To Computer [ कम्प्यूटर का परिचय ]
Post By@ Co-Founder# Vinay Kumar Verma
आज के इस पोस्ट में बताऊंगा की computer क्या है
जैसे की हम सभी जानते है की कम्प्यूटर के बारे में सभी को पाता होना चाहिए ताकि ओह लोग भी कम्प्यूटर को चला सके अगर आप लोग कम्प्यूटर के बारे में नहीं जानते है तो इस पोस्ट के पूरा पढ़े.
Introduction To Computer

Introduction To Computer
कम्प्यूटर शब्द की उत्पति कम्प्यूटर शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना अतः बोलचाल की भाषा में इसे एक कैलकुलेटिंग device माना जाता है जो एरिथमेटिक और लाजिकल आपरेशन को तेजी के साथ कर सकता है परन्तु आज इसकी परिभाषा ही बदल गई है क्योंकी अब कम्प्यूटर का उपयोग सिर्फ गणना तक सिमित नहीं है, आज इसका उपयोग म्यूजिक , ग्राफिक्स, इन्टरनेट, आदि  कई अन्य काम में भी हो रहा है और एक विस्तुत स्टेप बाई स्टेप प्रोसेसिंग के बाद उसे इनफार्मेशन में बदलता है और आउटपुट रिजल्ट प्रस्तुत करता है यह डाटा को एक्सेप्ट, स्टोर और उन्हें मैनीपुलेट करता है.

What Is Computer  [ कम्प्यूटर क्या है? ]
कम्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक device है जो किसी विषय- वास्तु के बारे में डाटा को बतौर इनपुट लेता है और उस पर जरुरी आपरेशन कर एक नियम आउटपुट प्रदान करता है,

Types Of Computer [ कम्प्यूटर के प्रकार ]
  • Analog Computer
  • Digital Computer
  • Hybrid Computer


Analog Computer एनालॉग कम्प्यूटर में डाटा, ट्रांसमिशन एक सीधा रेखा में होता है, जिसे एनालॉग ट्रांसमिशन कहते है
जैसे तापमान, पारे, दाब एवं अन्य भौतिक प्रकृति की सूचनाये आदि..

Digital Computer डिजिटल कम्प्यूटर वो कम्प्यूटर होता है जो डिजिटल तकनीक का अनुसरण करते है, इनमे माइक्रोप्रोसेसर प्रयोग में किया जाता है जो एक सेकेंड में करोड़ो निदेशो के क्रिया कर सकता है यह बाइनरी वैल्यू 0,1 के आधार पर कार्य करता है 0 हो फाल्स ( गलत ) और 1 हो ट्रू ( सही ) सिंगल प्रषित होता है,ये सिंगल डिस्क्रत होता है इन्हें भी चार श्रेणियों में बाटा गया है. जो निम्नलिखित है !

Hybrid Computer इस प्रकार के कम्प्यूटर में एनालॉग एवं डिजिटल कम्प्यूटर दोनों ही विशेषताओ का मिश्रण होता है हाईब्रिड कम्प्यूटर का सबसे अधिक उपयोग चिकित्सा के क्षेत्र में किया जाता है जैसे- ई0 सी0 जी0 मीशन !
  1. Micro Computer
  2. Mini Computer
  3. Mainframe
  4. Super Computer

Micro Computer  यह सर्वाधिक छोटा कम्प्यूटर होता है जिसमे एएलयु और सीपीयू एक ही चिप में लगे होते है !

Mini Computer ये माइक्रो कम्प्यूटर से अधिक क्षमता है, और एक समय में कई प्रयोक्ताओ के उपयोग में आ सकता है! ये डाटा को अधिक तेजी से संसधित कर सकता है !

Mainframe  ये अति उच्च भण्डारण क्षमता वाले बहुत बड़े आकार के कम्प्यूटर होते है, ये डाटा बड़ी मात्रा को तेजी से संसाधित कर सकता है, इनका उपयोग बैको, बड़ी कम्पनीयो एव सरकारी बिभागो में किया जाता है !

Super Computer ये कम्प्यूटर बहुत तेजी गति से काम करता है एवं संग्रह क्षमता वाले होते है, इनका आकार काफी बड़ा होता है पहला सुपर कम्प्यूटर क्रे-1 वर्ष 1976 में क्रे रिसर्च कम्पनी द्वारा विकसित किया गया था ! भारत का पहला सुपर कम्प्यूटर परम- 10,000 है !

  I Hope की ये आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा अपने दोस्तों को Social Media पर शेयर करे like करे comment करे 



Jio phone का सोफ्टवेयर कैसे Update करे 
Post By@ Co- Founder#Vinay Kumar Verma

जिओ phone इंडिया का सबसे बड़ा smartphone है जो की बहुत से लोग इस phone को यूज़ करते है
Reliance jio phone एक feature smartphone है, मतलब आपको इसमें वह feature दिया गया है जो किसी महंगे smartphone में होते है, लेकिन jio phone में software update न होने के कारण यह feature नहीं मिलते है जिससे jio phone यूजर काफी परेशां हो जाते है इसलिए आज हम आपको jio phone update करने के बारे में बताएँगे जिसे आप अपने jio phone को आसानी से update कर पाएंगे..

सबसे पहले मै आपको बता दे की अगर आपके jio phone का software update नहीं है, तो आपको जिओ phone में बहुत सारे App नहीं मिलते है इस इस्थिति में आपके जिओ phone में वही feature होते है, जो किसी basic phone में होते है ! इस तरह आप पता लगा सकते है की आपका jio phone update है या नहीं

Relinace की तरफ से हर दिन कोई ना कोई update आता रहता है, जब की जिओ phone को आम लोगो की जरूरतों की ध्यान में रखकर बनाया गया है, उन्ही की जरुरत के जरिये जिओ phone update होता रहता है जिओ phone में फेसबुक का update आना इसका एक उद्देश है!

जब की तो जिओ phone update करना बहुत ही आसान है इसमें आपको मुस्किल से 5.10. मिनट का समय लगता है और आपका जिओ phone update हो जाता है जिओ phone को update करने पर नये नये feature आते रहते है इसके लिए आपको अपना जिओ phone update करना आना चाहिय..

jio phone update क्यों करते है जानिए..

  1.  जिओ phone update करने से phone hang होना कम हो जाता है
  2.  phone update करने के बाद उसकी बैटरी बैकप परफॉरमेंस बढ़ जाती है
  3.  phone update होने से इसमें आपको नये नये feature मिलते रहते है
  4.   जिओ phone की स्पीड लगभग बढ़ जाती है 
  5.  जिओ phone updates से उसके unkonw प्रोब्लम ठीक हो जाती है.


jio phone update करने से पहले ध्यान रखे 
जिओ phone update करने से पहले आपको नीचे बताई गई बातो को ध्यान में रखना है, ताकि आपका जिओ phone सफतलापूर्वक update हो जाये 


  • सबसे पहले ये check करे की आपके phone में internet रहना चाहिए 
  • phone update करने से पहले उसका internet connection ON होना चाहिए 
  • यह भी check करे की आपके जिओ phone की बैटरी LOW नहीं होना चाहिए 


jio phone update कैसे करते है जाने 

  1. सबसे पहले आपको अपना जिओ phone में setting को open करे 
  2. अब आपको नीचे device इनफार्मेशन का option दिखेगा उस पर किल्क करे 
  3. अब आपको LYF software update पर किल्क करना है 
  4. किल्क करते ही आपका जिओ phone update होना शुरु हो जायेगा 
  5. इस process में आपको 5 से 10 मिनट लगती है यह आपके internet के स्पीड पर निर्भर करता है 
  6. जिओ phone update डाउनलोड होने के बाद जिओ phone अपने आप reset हो जाता है 
  7. अब आपका जिओ phone update हो चूका है 


तो दोस्तों इन स्टेप को फॉलो करके आप जिओ phone update कर सकते है 
यह पोस्ट कैसी लगी आपको अपना राय comment बॉक्स में जरुर दे धन्यवाद





Whatsapp Sticker कैसे बनाये और अपना खुद का Stickers बनाये 
Post By@ Co- Founder# Vinay Kumar Verma

Whatsapp Sticker कैसे यूज़ करे और कैसे खुद के Whatsapp Sticker बनाये अगर आप जानना चाहते हैं तो आपको उसकी पूरी जानकारी आपको इस पोस्ट में मिल जाएगी.
Whatsapp का new update आया है जिसमे हम Whatsapp पर Sticker भेज सकते है,
अगर आप Whatsapp यूज़ करते है तो किसी ने आपके Whatsapp पर Sticker अभी तक send कर ही दिया होगा....
तो चलिए जानते है Whatsapp Sticker के बारे में और कैसे उसको Whatsapp में Add कर सकते है या कैसे अपना खुद का Whatsapp Sticker बना सकते हैं



Whatsapp Sticker क्या हैं...
Whatsapp का new update है, जिसमे हम Emoji के आलवा अब Whatsapp Sticker भी send कर सकते है, जो एक इमेज ही होती है पर Sticker के फॉर्म में

जिस तरह Emoji से Message में जान डाल जाती है, उसी तरह  Sticker से हम बहुत एक्स्ट्रा कर सकते है अपने चैटिंग में.

डेमो के लिए आप निचे का स्क्रीन शॉट देख सकते है.

Whatsapp Stickers कैसे यूज़ करे 
Sticker अगर आपको यूज़ करना है और  Sticker Whatsapp में Add करना है तो सबसे पहले तो आपको Whatsapp update करना होगा, Whatsapp version 2.18.340+ version में Whatsapp Sticker support करते है,आप Whatsapp beta version में add है तो आप playstore से Whatsapp update करे, अगर आप Whatsapp Beta में add नहीं है तो आप निचे दी हुई button से डायरेक्ट Whatsapp डाउनलोड कर सकते है Whatsapp official साईट से.

                                Whatsapp Update Apk Download 
Whatsapp update करने के बाद, Emoji का आइकॉन है उस पर किल्क करे Whatsapp Sticker आइकॉन करे

अब Whatsapp में अगर आपको  Sticker add करना है तो आप उसमे दिया होगा, + button पर किल्क करके डाउनलोड कर सकते है..

Whatsapp Sticker App Playstore से डाउनलोड करने के लिए button पर किल्क करे या आप डायरेक्ट भी सर्च कर सकते है,

                                             WAStickerApps

खुद के Whatsapp Sticker कैसे बनाते हैं

Whatsapp Sticker की एक सबसे खास बात ये है की हम खुद के Sticker भी बना सकते है, और send कर सकते है, Customize Sticker अगर हम किसी को send करे तो उसकी तो बात ही अलग होती है.
चलिए जानते है कैसे खुद के Whatsapp Sticker बना कर Add कर सकते है 

Whatsapp Sticker बनाने के लिए कुछ Apps की जरुरत पड़ेगी

आपको के जो भी Whatsapp Sticker बनाना है सबसे पहले उसको edit करना के लिए आप फोटो Editing apps का यूज़ करे..


जो भी इमेज आप कहते है उनको edit करके background remove करके png फॉर्मेट में save करे.

इमेज edit करने के बाद Personal  Stickers for Whatsapp ओपन करे, वहा आपको मोबाइल के जितने भी इमेज फोल्डर है जो Sticker में add हो सकती है वो आ जाएगी, उसमे से आप add पर किल्क करके Whatsapp में Sticker add सकते है 

इस तरह आप Whatsapp Sticker बना कर Whatsapp में add कर सकते है और यूज़ कर सकते है.. 

         
    आप निचे दिए गए विडियो को देख कर समझ सकते है 



                         
 

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